Tuesday 14 August 2007

भारत में एक अदद भारतीय की खोज

मेरे अभिन्न मित्र और सहकर्मी राजेश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना देते हुए एक विडंबना से परिचित कराया है कि भारत में सभी मिल जाते हैं, लेकिन एक अदद भारतीय ही नहीं मिलता।भारत यात्रा कर वापस लंदन पहुंचे यात्रियों से लोगों ने भारत के बारे में जानना चाहा। एक सवाल के जबाब में एक यात्री ने बताया कि भारत में जितने लोग भी मिले उनमें बिहारी, पंजाबी, मराठी, मद्रासी सभी मिले। हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई के अलावा दर्जनों जातियों के लोग भी मिले, लेकिन कोई भारतीय नहीं मिला। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि थोड़े से धन के बल पर भारत में अस्थिरता पैदा करना आसान है। यात्रियों की बातें सच लग रही है। क्या इसी दिन के लिए आजा़दी मिली थी? फिर भी सभी लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनाएं। सकारात्मक सोच हार को जीत में बदल देती है।

2 comments:

Udan Tashtari said...

स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनाएं।


बाकी तो घर की बात है अलग से देख लेंगे. :)

mamta said...

आपको भी स्वतन्त्रता दिवस की बधाई !!