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कुरान पर हाथ रखकर झूठी गवाही

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हमारे धर्म-ग्रंथ सत्ता में बैठे लोगों के लिए किस तरह मजाक बन गए हैं, इसका सबूत है सरबजीत के मामले के मुख्य गवाह शौकत सलीम की ये स्वीकारोक्ति कि, “सरकारी वकील ने मुझे बताया कि इस आदमी ने विस्फोट किए और वह दोषी है। वकील ने मुझसे कहा कि मुझे भी ऐसा ही कहना है और मैंने कह दिया।” शौकत सलीम लाहौर का रहनेवाला वो शख्स है जिसके पिता और एक अन्य रिश्तेदार उस विस्फोट में मारे गए थे जिसका दोष सरबजीत पर लगाया गया है। एजेंसी की खबर के मुताबिक सलीम ने एक भारतीय टीवी चैनल से बातचीत में कहा है कि उस पर सरबजीत के खिलाफ गवाही देने के लिए दबाव बनाया गया था और अदालत में सरबजीत के खिलाफ बोलने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं था। शौकत सलीम का कहना है कि उसने अदालत में पेशी से पहले न तो सरबजीत को कभी देखा था और न ही उसे यह भरोसा था कि वह विस्फोटों में शामिल हो सकता है। शौकत सलीम ने यहां तक कहा कि पाकिस्तान में तमाम ताकतवर लोग तक पुलिस से डरे रहते हैं। सलीम ने बताया कि जब उसको अदालत में लाया गया तो उसने न्यायाधीश को बताया कि सरबजीत ने ही विस्फोट किए थे। सलीम के मुताबिक न्यायाधीश ने उसे सुना और जाने दिया। सलीम का...

मायावती को इनकम टैक्स का नायाब तोहफा

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मायावती ने आज अपना 52वां जन्मदिन खूब धूमधाम से मनाया। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों से लेकर पुलिस महानिदेशक और तमाम आला अफसरों में उन्हें केक खिलाने की होड़ लगी रही। लेकिन बहन जी को सबसे चौंकानेवाला तोहफा दिया है आयकर विभाग ने, जिसने टैक्स ट्राइब्यूनल की तरफ से उन्हें मिली क्लीनचिट के खिलाफ हाईकोर्ट में जाने की घोषणा की है। मायावती ने इस साल सितंबर तक ही 14 करोड़ रुपए का एडवांस टैक्स जमा कराया है। इस बार के विधानसभा चुनावों में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 52 करोड़ रुपए घोषित की थी। मायावती कहती हैं कि उन्होंने सारी संपत्ति पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं से मिले चंदे से बटोरी है। इस बार भी अपने जन्मदिन पर उन्होंने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से गिफ्ट के रूप में नोट ही मांगे हैं।

दादी में दम है, तभी तो मिला साहित्य का नोबेल

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ईरान में जन्मी और 30 साल की उम्र से ही ब्रिटेन में रह रही डोरिस लेसिंग को इस साल साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। डोरिस इसी 22 अक्टूबर को 88 साल की हो जाएंगी। उनकी ज़िंदगी भयंकर कठिनाइयों से भरी रही है। उन्होंने दो शादियां की हैं और उनके तीन बच्चे हैं। पहली शादी उन्होंने 1939 में फ्रैंक विज़डम नाम के व्यक्ति से की, लेकिन चार साल बाद 1943 में उनका तलाक हो गया। इस शादी से उनके दो बच्चे हुए। दूसरी शादी उन्होंने एक जर्मन राजनीतिक कार्यकर्ता गॉटफ्रीड लेसिंग से की, लेकिन 1949 में उनका फिर तलाक हो गया। इस शादी से उनको एक बेटा हुआ, जिसे लेकर वो ब्रिटेन आ गईं। वो ब्रिटिश कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य भी रही हैं, लेकिन 1956 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी। 1950 में डोरिस लेसिंग का पहला उपन्यास ‘द ग्रास इज़ सिंगिंग’ प्रकाशित हुआ। वैसे तो उन्होंने दर्जनों किताबें लिखी हैं। लेकिन सबसे चर्चिच उपन्यास रहा है 1962 में प्रकाशित द गोल्डन नोटबुक। उनके सबसे नए उपन्यास का नाम है – द क्लेफ्ट, जो इसी साल अमेरिका में प्रकाशित हुआ है। 87 साल की हो जाने के बावजूद डोरिस खूब सक्रिय रहती है। वो सोशल नेटवर्किंग साइट...

गुजरात चुनावों पर मोदी की ही चली

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चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा के चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। ये चुनाव 11 और 16 दिसंबर 2007 को दो चरणों में किए जाएंगे। मतगणना 23 दिसंबर को की जाएगी और उसी दिन रात तक सभी नतीजों के आ जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी की बीजेपी सरकार चाहती थी कि चुनाव दो चरणों में कराए जाएं और दोनों चरणों में कम से कम पांच दिनों का अंतर हो। चुनाव आयोग ने मोदी सरकार की बात पूरी तरह मान ली है, जबकि कांग्रेस की मांग को अनसुना कर दिया है। असल में कांग्रेस ने अंदेशा जताया था कि अगर चुनाव दो चरणों में कराए गए तो मोदी सरकार प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल करके धांधली कर सकती है। इसलिए उसने चुनाव आयोग ने अनुरोध किया था कि चुनाव एक ही चरण में कराए जाएं। कांग्रेस ने चुनावों में गुजरात पुलिस की भूमिका पर भी संदेह जताया था। लेकिन चुनाव आयोग ने दो चरणों में गुजरात विधानसभा चुनावों की घोषणा से साफ कर दिया है कि उसने कांग्रेस की शिकायतों को कोई तवज्जो नहीं दी है।

भारत ग्लोबल हो रहा है तो अमेरिका लोकल

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भारतीय मध्यवर्ग पर ग्लोबलाइजेशन का रंग चढ़ता जा रहा है। आज 89 फीसदी भारतीय विदेशी व्यापार का समर्थन करते हैं, जबकि अमेरिका के 59 फीसदी लोग ही मानते हैं कि विदेशी व्यापार के जारी रहने में उनकी भलाई है। और, यह अंतर पिछले पांच सालों में आया है। साल 2002 में 78 फीसदी अमेरिकी मानते थे कि विदेशी व्यापार का उनके जीवन पर सकारात्मक असर पड़ रहा है। लेकिन पांच साल बाद 19 फीसदी अमेरिकी इस राय से पीछे हट चुके हैं। यह नतीजा है प्यू ग्लोबल एटीट्यूड्स प्रोजेक्ट के तहत किए गए ताजा सर्वे का। इसके तहत दुनिया के 47 देशों में 45,000 से ज्यादा लोगों से बात की गई। सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में तेज़ी से बढ़ रही विदेशी अर्थव्यवस्थाओं का भय छाने लगा है। अमेरिकियों को खास डर चीन की बढते विदेशी व्यापार से लगने लगा है। वैसे, इसका ठोस आधार भी है क्योंकि अमेरिकी बाज़ार इस समय चीन में बने सामानों से भरे पड़े हैं। विदेश व्यापार से चीन को फायदा हो रहा है तो चीन के 91 फीसदी लोग इसे जारी रखने के पक्ष में हैं। लेकिन देश के भीतर सक्रिय बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लेकर चीन के लोग ज्या...

अपमानित हॉकी टीम भूख हड़ताल करेगी

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भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। लेकिन हमें इससे क्या, हम तो क्रिकेट के दीवाने हैं! और हमारी इस दीवानगी को बीसीसीआई ही नहीं, देश के नेता तक भुनाने में लग गए हैं। सबसे आगे हैं बीसीसीआई के अध्यक्ष और कृषि मंत्री शरद पवार। इसके बाद आते हैं उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल और फिर आती हैं महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और कर्नाटक की राज्य सरकारें। लेकिन भारतीय हॉकी इससे खुद को इतना अपमानित महसूस कर रही है कि राष्ट्रीय हॉकी कोच जोक्विम कार्वाल्हो, मैनेजर आर के शेट्टी और टीम के चार खिलाड़ियों विक्रम कांत, वी आर रघुनाथ, एस वी सुनील और इग्नास तिरकी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के घर के आगे भूख हड़ताल करने का फैसला किया है। उनकी शिकायत यह है कि अभी ढाई हफ्ते पहले ही भारतीय हॉकी टीम ने एशिया कप बेहद शानदार अंदाज में जीता है। टीम ने इस टूर्नामेंट में 57 गोल किए जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। लेकिन देश के इस राष्ट्रीय खेल के लिए महज जुबानी शाबासी दी गई, जबकि 20/20 विश्व कप जीतनेवाली क्रिकेट टीम पर करोड़ों न्योछावर किए जा रहे हैं। कर्नाटक सरकार की हालत ये है कि उसने हॉकी टीम को जीतने की बधाई तक नहीं दी है, जबकि क...

चीन ने फिर कहा – हम तो भाई-भाई हैं

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जब पूरे देश में चर्चाएं गरम है कि चीन भारत को कमज़ोर देखना चाहता है, इसीलिए वह भारत-अमेरिका परमाणु संधि में रोड़े अटका रहा है, तब खुद चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ (नाम का असली उच्चारण अभी-अभी चीन की यात्रा पूरी कर चुके अज़दक बता सकते हैं) ने आज बयान दिया कि चीन और भारत को एक-दूसरे से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत-चीन के रिश्तों की मुख्य धारा दोस्ती की है। इन दोनों देशों के बीच दो हज़ार सालों से ज्यादा के दोस्ताना संबंध हैं, जबकि रिश्तों में आई खटास की मियाद महज दो से तीन साल की रही है। चीनी प्रधानमंत्री के मुताबिक दोनों देशों का विकास एक दूसरे का पूरक है। यह दोनों की समृद्धि और ताकत हासिल करने का मौका देगा, न कि एक दूसरे के लिए खतरा पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि इस साल जब भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चीन की यात्रा पर आएंगे तो उनका जबरदस्त स्वागत किया जाएगा। इस ‘बिग इवेंट’ के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। दिक्कत ये है कि भारतीय जनमानस में चीनी नेताओं के बयानों को अब भी संदेह की निगाह से देखा जाता है, क्योंकि हिंदी-चीनी भाई-भाई का सबक पूरा देश 1962 में युद्ध के रूप ...

भाया, दिबांग तो गयो...

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एनडीटीवी इंडिया में भारी फेरबदल आधिकारिक खबरों के मुताबिक एनडीटीवी इंडिया की संपादकीय ज़िम्मेदारियों में भारी फेरबदल किया गया है। मैनेजिंग एडिटर दिबांग को सारी ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। उन्हें कंसल्टेंट भी नहीं बनाया गया है, क्योंकि विनोद दुआ तो पहले से ही कंसल्टेंट हैं और चैनल में दो कंसल्टेंट नहीं हो सकते। एनडीटीवी समूह से लंबे अरसे से जुड़े संजय अहिरवाल को अब हिंदी चैनल का एग्जीक्यूटिव एडिटर बना दिया गया है। साथ ही पहले पटना और अब मुंबई ब्यूरो के इनचार्ज मनीष कुमार को भी एग्जीक्यूटिव एडिटर की ज़िम्मेदारी दी गई है। संजय अहिरवाल अपनी गंभीरता और राजनीतिक साफगोई के लिए जाने जाते हैं, जबकि मनीष कुमार की छवि एक बेहद डायनेमिक पत्रकार की रही है। इसके अलावा दमदार और अनुभवी रिपोर्टर मनोरंजन भारती को चैनल का राजनीतिक संपादक बना दिया गया है। इन तब्दीलियों से एनडीटीवी इंडिया में नई ऊर्जा डालने की कोशिश की गई है। नहीं तो चार-साढ़े चार सालों से दिबांग की अगुआई में शानदार ब्रांड इमेज के बावजूद ये प्राइम न्यूज़ चैनल लगातार अपनी ऊर्जा खोता जा रहा था। टीआरपी में यह आखिरी पायदान पर पहुंच ...