Monday 12 November 2007

रुकावट के लिए खेद है



दोस्तों, दीपावली की रात से ही वाइरल फीवर से जकड़ा हुआ हूं। सोता हूं तो अनगिनत विचार दिमाग में बुलबुले की तरह फूटते हैं। रोज़ लिखने की आदत पड़ गई है तो सोते में भी लिखता रहता हूं। लेकिन शारीरिक स्थिति यह है कि कंप्यूटर पर बैठने की हिम्मत नहीं पड़ती। इसलिए पिछले कई दिनों से नया कुछ न दे पाने के लिए माफी चाहता हूं। ठीक होते ही फिर से खिटपिट शुरू हो जाएगी। धन्यवाद...

9 comments:

आलोक said...

चलिए जुगाली करिए।

Gyandutt Pandey said...

शीघ्र स्वास्थ्य लाभ करें - यही कामना है।

मीनाक्षी said...

सैहत जल्दी अच्छी हो , कामना करते हैं.

आनंद said...

अब जल्‍दी से ठीक होकर आ जाइए। हम लोग रोज आपके दरवाजे पर झांककर लौट जाते हैं। - आनंद

खुश said...

अनिलजी, क्या हो गया. जल्दी चंगे हो जाइए।

Sanjeet Tripathi said...

ओह! यही हाल इधर अपना है, दीपावली के दिन सुबह से वायरल फ़ीवर ने जो अपनी चपेट में लिया है अभी तक उबरे नहीं हैं!!

शुभकामनाएं, जल्दी स्वस्थ हों!!

अनूप शुक्ल said...

खिचखिच दूर करके तब आओ मैदान में। शुभकामनायें।

Anonymous said...

sardi khasi ya malaria hua? doctor ko dikhaya ki nahin.jaldi swasth hone ki subhkamna.

A line of Literature said...

kitna aur pukaroon tumko tumne bus chalna seekha, aur hamari ankhon ne bus deepak sa jalna seekha.
na tumhari kahani milee aaj tak ,na hee email i.d.
kyon kerte ho aisa?tum to aise na they.fir kyon yaha badlava?
beemar ho so kuch zyada nahee per yeha jaan lo mere jaise vyakti ko itna fareb dena theek nahi.bhagwan tumhe swastha kare aur fir taqat de to befool me again and again my dear. with love ,best wishes and old foolish faith in you
yours ateetjeevi deepak